-बिना लहसुन-प्याज के खाने का कर रहे सेवन
Yashvi Goyal
फरीदाबाद। मर्यादा पुरुषोत्तम राम की मर्यादा को निभाने के लिए श्री श्रद्धा रामलीला कमेटी के कलाकार रामलीला के दौरान पूरी तरह से बह्मचार्य जीवन जीते हैं। जिससे रामलीला के दौरान उनका तन और मन पूरी तरह से भगवान श्रीराम के रंग में रंगा रहता है।
श्री श्रद्धा रामलीला कमेटी में राम का अभिनय करने वाले रीतेश कुमार ने बताया कि भगवान राम ने अपना पूरा जीवन मर्यादा में रहकर जीया, इसलिए आज पूरा संसार उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम राम के नाम से भी पुकारता है। इसी तरह श्रीराम के जीवन से प्रेरणा लेकर वह रामलीला मंचन के दौरान पूरी तरह से बह्मचार्य का पालन करते हैं।
रीतेश ने बताया कि वह घर का बना हुआ बिना लहसुन-प्याज खाने का सेवन कर रहे हैं और जमीन पर सो रहे हैं। वहीं गृहस्थ जीवन का त्याग कर बह्मचारी रहते हैं। वहीं विजय रामलीला कमेटी में राम की भूमिका निभाने वाले सौरभ कुमार ने बताया कि उनके बुजुर्ग भी रामलीला मेें अभिनय के दौरान पूरी तरह से बह्मचार्य का पालन करते थें। उनसे प्रेरणा लेकर हम सभी युवा भी बह्मचार्य का पालन करते हैं। सौरभ ने बताया कि वह रामलीला के दौरान गृहस्थ जीवन का त्याग कर पूरी तरह से बह्मचार्य का पालन करते हैं। ताकि उनके मन में शुद्ध विचार का आगमन हो।

#रामलीला में किरदार निभाने वाले हम सभी कलाकार रामलीला के पहले दिन से ही बह्मचार्य का पालन करने लगते हैं। घर का बना हुआ शुद्ध एवं शाकाहारी भोजन करते हैं। ताकि हमारा मन और तन पूरी तरह से शुद्ध रहें। वहीं सभी लोग जमीन पर सोते हैं। रामलीला के दौरान राम-लक्ष्मण एवं माता सीता का अभिनय करने वाले कलाकारों को भगवान का स्वरूप मानकर सभी दर्शक उनके पांव छुते हैं। जिससे हम पर भार चढ़ता है। उस भार को उतारने के लिए हम सभी हरिद्वार जाकर गंगा स्नान करते हैं और भगवान श्रीराम को जल अर्पित कर उनसे भार उतारने की कामना करते हैं।
-अनिल चावला, डायरेक्टर, लक्ष्मण की भूमिका में

#मैं एक पंडित परिवार से हूं। घर में हमेशा ही पुजा का माहौल रहता है। इसलिए मेरे नाना मनमोहन कृष्ण भारद्वाज जी से प्रेरणा लेकर मैं रामलीला के दौरान पूरी तरह से शुद्ध-शाकाहारी भोजन का सेवन करती हूं। इस दौरान मैं जमीन पर सोती हूं और रोज सुबह भगवान श्रीराम की पुजा करके ही दिन की शुरूआत करती हूं।
-योगांधा वशिष्ठ, माता सीता की भूमिका में।




