यहां आओ, यहां आओ, देखो ये जिंदा है…

यहां आओ, यहां आओ, देखो ये जिंदा है…
kundan green valley school

-कुंदन ग्रीन वैली स्कूल में आपदा प्रबंधन के मॉक ड्रिल में अलग था नजारा
-एनडीआरएफ की टीम ने बच्चों को बताए आपदा प्रबंधन के तरीके
todaybhaskar.com
faridabad।यहां आओ, यहां आओ, देखो ये जिंदा है की आवाज सुनकर ऑरेंज कलर की ड्रेस पहले कुछ नौजवान आवाज की दिशा में दौड़ते दिखते हैं और पल भर में अपने औजारों से प्लाईवुड की सीट काटकर एक व्यक्ति को निकालते हैं। किसी को यदि पता न हो कि यहां क्या हो रहा है, तो वह वास्तव में सन्न रह सकता है। लेकिन यह मौका था बल्लभगढ़ की कुंदन कॉलोनी स्थित कुंदन ग्रीन वैली स्कूल में आपदा प्रबंधन की मॉक ड्रिल का। जिसमें एक झूठा आपदा दृश्य रचकर बचाव एवं राहत कार्यों को प्रदर्शित किया जाता है।
नेशनल डिजास्टर रेस्पांस फोर्स ने स्टेट डिजास्टर रेस्पांस फोर्स, जिला प्रशासन, पुलिस, सिविल डिफेंस, फायर विभाग, सिविल अस्पताल व रेडक्रॉस के सहयोग से कुंदन ग्रीन वैली स्कूल में एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया। जिसमें सैकड़ों बच्चों व उनके अभिभावकों को आपदा के समय बचाव एवं राहत कार्यों का प्रदर्शन किया गया। इसका नेतृत्व एनडीआरएफ बटालियन के असिस्टेंट कमांडेंट योगेंद्र सिंह व इंस्पेक्टर नीरज गुप्ता ने किया।
इस मौके पर डीसीपी बल्लभगढ़ भूपेंद्र सिंह ने कहा कि आपदा प्रबंधन बड़ा महत्वपूर्ण विषय है और हर व्यक्ति को आपदा प्रबंधन की शुरुआती जानकारी जरूर रखनी चाहिए। संयोजक विषय विशेषज्ञ एवं सिविल डिफेंस के चीफ वार्डन प्रो एमपी सिंह ने बताया कि इस मॉक ड्रिल का आयोजन भारत सरकार के निर्देशानुसार किया गया। वहीं कुंदन ग्रीन वैली स्कूल के संस्थापक निदेशक भारत भूषण शर्मा ने सभी विशेषज्ञों व अधिकारियों का इस मॉक ड्रिल आयोजन पर धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि आपदा के समय बचाव कार्यों को सीखना बच्चों, अभिभावकों और हम सबके लिए एक अच्छा अनुभव रहा है।
इस अवसर पर मलबे में दबे लोगों को निकालने, ऊपरी मंजिलों से बिना सीढ़ी के घायलों को रस्सियों के सहारे सकुशल निकालने, घायलों को प्राथमिक उपचार देने आदि की तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। जिसमें स्निफर डॉग की भी मदद ली गई।
इस मौके पर एसडीआरएफ भौंडसी के कमांडेंट दीपक, एसीपी अमन यादव आदि अधिकारी भी मौजूद रहे।

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