वाईएमसीए के होनहार विद्यार्थियों को पढ़ाई के खर्च की अब नहीं चिंता

वाईएमसीए के होनहार विद्यार्थियों को पढ़ाई के खर्च की अब नहीं चिंता
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– विश्व प्रकाश मिशन उठा रहा आर्थिक रूप से कमजोर होनहार विद्यार्थियों की पढ़ाई का खर्च
– विश्वविद्यालय के दस विद्यार्थियों का चयन किया, मिशन उठायेगा पूरा खर्च
Todaybhaskar.com

Faridabad| मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने तथा तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के अपने प्रयासों के तहत वाईएमसीए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, फरीदाबाद ने आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को स्थानीय विश्व प्रकाश मिशन के माध्यम से छात्रवृत्ति प्रदान करवाने में अहम भूमिका निभाई है। मिशन की छात्रवृत्ति योजना के तहत मौजूदा शैक्षणिक सत्र में दाखिला लेने वाले विश्वविद्यालय के दस विद्यार्थियों का चयन किया गया है, जिनकी पढ़ाई का सारा खर्च मिशन द्वारा वहन किया जायेगा।
यह छात्रवृत्ति विश्व प्रकाश मिशन द्वारा विश्वविद्यालय के साथ विगत वर्ष किये गये एक समझौते के तहत प्रदान की जा रही है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने तथा तकनीकी शिक्षा ग्रहण करने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाना है। मिशन द्वारा विगत शैक्षणिक सत्र के दौरान भी विश्वविद्यालय के आठ विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई थी।
कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने विश्वविद्यालय के मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के माध्यम से पढ़ाई में सहयोग के लिए मिशन के प्रयासों की सराहना की तथा मिशन के अध्यक्ष राकेश सेठी का आभार जताया। सभी चयनित विद्यार्थियों को कुलपति प्रो. दिनेश कुमार की उपस्थिति में छात्रवृत्ति के पत्र प्रदान किये गये।
इस अवसर पर कुलपति ने कहा कि मिशन द्वारा प्रतिभावान एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद प्रदान करना एक अनुकणीय कार्य है, जिससे समाज में सभी को सीख लेनी चाहिए।
छात्रवृत्ति के लिए विद्यार्थियों के चयन को लेकर श्री राकेश सेठी जोकि यूनियन बैंक आफ इंडिया के पूर्व कार्यकारी निदेशक रहे है, ने बताया कि इन 10 चयनित विद्यार्थियों की पढ़ाई का खर्च यूनियन बैंक सोशल फाउंडेशन ट्रस्ट के माध्यम से प्रदान किया जायेगा जोकि छात्रवृत्ति योजना में मिशन का साझेदार है। उन्होंने बताया कि छात्रवृत्ति के लिए 60 से अधिक विद्यार्थियों ने आवेदन किया था, जिसमें से विद्यार्थियों अकादमिक रिकार्ड, व्यक्तिगत साक्षात्कार तथा आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए दस विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के लिए चुना गया है। सभी चयनित विद्यार्थियों को कालेज फीस के रूप में प्रतिवर्ष 60 हजार रुपये की छात्रवृत्ति राशि प्रदान की जायेगा, जोकि सीधे विश्वविद्यालय के पक्ष में देय होगी। छात्रवृत्ति की निरंतरता विद्यार्थियों के अकादमिक प्रदर्शन पर निर्भर करेगी।
श्री सेठी ने कुलपति को अवगत करवाया कि वर्ष 2016 में स्थापित मिशन के माध्यम से अब तक 45 विद्यार्थियों को 10 लाख 50 हजार से अधिक की राशि छात्रवृत्ति के रूप में प्रदान करवाई जा चुकी है और मिशन का उद्देश्य साधन से वंचित युवाओं को सही शिक्षा एवं कौशल प्रदान कर उनका सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान करना है ताकि वे राष्ट्र-निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सके।
इस अवसर पर अधिष्ठाता (अकादमिक) डॉ. विक्रम, अधिष्ठाता (विद्यार्थी कल्याण) डॉ. नरेश चौहान, डॉ. मुनीष वशिष्ठ, उप अधिष्ठाता (विद्यार्थी कल्याण) डॉ सोनिया बंसल, उप कुलसचिव (अकादमिक) डॉ. हरीश कुमार, ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारी शुचिर भाटिया, राज कुमार मुंशी तथा यूनियन बैंक से परमेश कुमार भी उपस्थित थे।

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