खुद को नवीनतम तकनीकी की जानकारी से अवगत रखें शिक्षकः प्रो. ओम विकास

खुद को नवीनतम तकनीकी की जानकारी से अवगत रखें शिक्षकः प्रो. ओम...
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-अनुसंधान को वास्तविक जीवन की उपयोगिता पर केन्द्रित करेंः कुलसचिव प्रो. एस.के. शर्मा
-कम्प्यूटर विज्ञान में नवीनतम तकनीक व उभरते क्षेत्रों पर रिफ्रेशर कोर्स संपन्न
Todaybhaskar.com
Faridabad| वाईएमसीए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, फरीदाबाद द्वारा कम्प्यूटर विज्ञान में नवीनतम तकनीक व उभरते क्षेत्रों के दृष्टिगत संकाय सदस्यों तथा शोधार्थियों के लिए आयोजित एक सप्ताह के रिफ्रेशर कोर्स का आज संपन्न हो गया। कम्प्यूटर इंजीनिरिंग विभाग तथा इंफोरमेशन टेक्नोलॉजी व कम्प्यूटर एप्लीकेशन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में टीईक्यूआईपी-3 परियोजना के तहत आयोजित कोर्स में विश्वविद्यालय तथा अन्य शिक्षण संस्थानों के लगभग 50 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
समापन सत्र में भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी तथा प्रबंधन संस्थान, ग्वालियर के पूर्व कुलपति प्रो. ओम विकास मुख्य अतिथि तथा प्रमुख वक्ता रहे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलसचिव डॉ. एस.के. शर्मा ने की। इस अवसर पर कम्प्यूटर विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. कोमल कुमार भाटिया, आईटी एवं कम्प्यूटर एप्लीकेशंस विभाग के अध्यक्ष प्रो. अतुल मिश्रा, प्रो. सी.के. नागपाल तथा प्रो. मनीष वशिष्ठ भी उपस्थित थे।
अपने मुख्य संबोधन में प्रो. ओम विकास ने बल दिया कि यह शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि वे खुद को नवीनतम तकनीकी जानकारी से अवगत रखें, जिससे उनकी शिक्षण के साथ-साथ अनुसंधान कार्य में भी मदद मिलेगी। उन्होंने संकाय सदस्यों को अंतर्राष्ट्रीय मानकों की आवश्यकताओं के अनुरूप परिणाम आधारित शिक्षण प्रक्रिया सीखने पर बल दिया। शोधकर्ताओं को जरूरी टिप्स देते हुए उन्होंने कहा कि एक शोधकर्ता को नई खोज करते समय कम लागत तथा ऊर्जा दक्षता दो पहलुओं पर ध्यान देना चाहिए और शोध कार्य सही, नया तथा प्रासंगिक हो। उन्होंने वास्तविक जीवन में पेश आने वाली समस्याओं को समझने के लिए आईटी क्लीनिक के आयोजन का भी सुझाव दिया, जिसमें उद्योग व अकादमिक विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जाये।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलसचिव डॉ. एस.के. शर्मा ने ग्रामीण क्षेत्र विशेष रूप से कृषि क्षेत्र में नवाचार तथा शोध करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि अनुसंधान वास्तविक जीवन की उपयोगिता पर केन्द्रित होना चाहिए। उन्होंने प्रतिभागियों को नई तकनीकी खोज से संबंधित विचारों तथा परियोजनाओं का विवरण विश्वविद्यालय को भेजने के लिए कहा, जिस पर मिलकर कार्य किया जा सकता है। इस अवसर पर उन्होंने मुख्य अतिथि प्रो. ओम विकास को स्मृति चिन्ह भी भेंट किया।
इससे पूर्व, कोर्स कोर्डिनेटर डॉ. नीलम दूहन ने एक सप्ताह के कोर्स का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि कोर्स के दौरान अकादमिक तथा उद्योग क्षेत्र से 15 विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किये गये तथा नवीनतम तथा उभरते तकनीकी क्षेत्र जैसे इंटरनेट आफ थिंग्स, साफ्ट कम्प्यूटिंग तकनीक, वायरलेस बॉडी नेटवर्किंग, बिग डाटा एनालिटिक्स, जीआईएस सिस्टम तथा कम्प्यूटेशनल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर चर्चा की गई। प्रो. अतुल मिश्रा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
इस दौरान प्रतिभागियों ने कोर्स को लेकर अपने अनुभव भी साझे किये। अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किये गये।

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